२०८३ बैशाख ३ गते , विहीबार

विचार / विश्लेषण

Sajilo Khoj

मिडियामा प्रहार : विगतभन्दा दमनकारी सरकारी अंकुश !

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बालबालिकामा अब्स्ट्रक्टिभ स्लिप एपनियाको समस्या, यस्तो छ उपचार विधि

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स्वास्थ्य मन्त्री निशा मेहतालाई एक डाक्टरको खुला पत्र

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स्वाधीनताको धरातल र वर्तमान चुनौति

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कुशासन विरुद्ध अकल्पनीय उथलपुथल : जनाक्रोशको परावर्तन

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किन उठ्न सकेन भद्रपुर ? 

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भद्रपुर नगर : गुमाएको विरासत, टोलाएको भविष्य 

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नेपालका सपुत डा.महावीर पुन: प्रविधिका ज्योति र राष्ट्रिय समर्पणका प्रतिमूर्ति

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सहकारी ठगी र मानव तस्करी : सुशासनको खोलभित्र कुशासनको त्रासदी

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एसईई उत्तीर्ण भएकालाई प्रलोभन देखाएर कक्षा ११ मा भर्ना गराउन 'विद्यार्थी तानातान', पास गराइदिने आश्वासनले शैक्षिक गुणस्तर नै खतरामा

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इस्लाम धर्मावलम्बीहरुको पर्व मुहर्रम: महिना बलिदानको

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व्यवस्था र अवस्थाबीचको वैपरीत्य : ‘हेल हिटलर !’ र ‘म झोले हुँ !’–को अर्थसाम्यता !

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वाक तथा प्रकाशन–प्रसारण स्वतन्त्रतामाथि नियन्त्रण र हस्तक्षेप

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सत्ताको सौदाबाजीमा बित्यो ‘गणतन्त्र’का १७ वर्ष !

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बिचौलियागिरीका कारण लोकतन्त्रको दुर्गति

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शासकीय र प्रशासकीय अराजकता : पतन अवश्यंभावी